दक्ष प्रजापति का वंशवृक्ष

1. उत्पत्ति

  • ब्रह्मा जी – सृष्टिकर्ता
  • ब्रह्मा जी के मानस पुत्र: मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, वशिष्ठ, नारद और दक्ष प्रजापति
  • इनमें से दक्ष प्रजापति को सृष्टि का रचनाकार और कन्याओं का पिता माना जाता है।

2. दक्ष प्रजापति की पत्नियाँ

दक्ष प्रजापति की दो प्रमुख पत्नियाँ मानी जाती हैं:

  1. प्रसुति – स्वायंभुव मनु और शतरूपा की कन्या।
  2. असिख्नी – अन्य उल्लेखों में असिख्नी को भी पत्नी बताया गया है।

3. संतान

(क) प्रसुति से संताने

प्रसुति से दक्ष प्रजापति की 24 कन्याएँ हुईं, जिनका विवाह विभिन्न देवताओं और ऋषियों से हुआ।
इनमें से प्रमुख:

  • सती – भगवान शिव की पत्नी (शिव-शक्ति परंपरा की शुरुआत)।
  • अन्य कन्याओं का विवाह कश्यप ऋषि, चंद्रमा, धर्म, अग्नि, महर्षि भृगु, मरिचि आदि से हुआ।

(ख) असिख्नी से संताने

  • असिख्नी से 60 कन्याएँ हुईं।
  • इनमें से 27 कन्याओं का विवाह चंद्रदेव से हुआ, जिन्हें 27 नक्षत्र कन्याएँ कहा जाता है।
  • अन्य कन्याओं का विवाह ऋषियों और देवताओं से हुआ।

4. महत्वपूर्ण संबंध

  • दक्ष प्रजापति की पुत्री सती का विवाह भगवान शिव से हुआ।
  • सती के आत्मदाह के बाद, उनका पुनर्जन्म पार्वती के रूप में हुआ, और शिव से विवाह किया।
  • इस प्रकार, दक्ष प्रजापति का वंश शिव-शक्ति परंपरा से जुड़ गया।

5. विशेष उल्लेख

  • दक्ष प्रजापति का नाम “27 नक्षत्र कन्याओं के पिता” के रूप में प्रसिद्ध है।
  • उन्होंने अनेक प्रजाओं की उत्पत्ति की, इसीलिए उन्हें “प्रजापति” कहा गया।
  • दक्ष प्रजापति की कन्याओं से ही अनेक देव, ऋषि, दानव और मानव वंश की उत्पत्ति मानी जाती है।

🪔 सारांश

  • ब्रह्मा जी → दक्ष प्रजापति → 2 पत्नियाँ (प्रसुति और असिख्नी) → 84 कन्याएँ
  • कन्याओं से विवाह देवताओं, ऋषियों और चंद्रमा से हुआ।
  • दक्ष की पुत्री सती से भगवान शिव का संबंध जुड़ा, जिससे यह वंश आगे चलकर शिव-शक्ति परंपरा का आधार बना।