कुम्हार (प्रजापति) समाज आज शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहाँ पहले समाज की पहचान केवल पारंपरिक मिट्टी कला और बर्तन बनाने तक सीमित थी, वहीं अब युवा नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं। हाल ही में कई छात्रों ने UPSC, IIT, NEET, SSC और विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में शानदार सफलता प्राप्त की है। यह बदलाव समाज के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
समाज के बुजुर्गों का मानना है कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो आने वाली पीढ़ियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बना सकती है। पहले शिक्षा तक पहुँच सीमित थी, लेकिन अब सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और समाज के जागरूक लोगों के प्रयासों से कुम्हार समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
आज युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, प्रोफेसर और आईटी विशेषज्ञ के रूप में समाज का नाम रोशन कर रहे हैं। समाज के संगठन भी लगातार शिक्षा के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं और कोचिंग, पुस्तकालय तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग दे रहे हैं।
इस बदलाव से न केवल समाज का गौरव बढ़ रहा है, बल्कि कुम्हार समाज भारतीय शिक्षा जगत में अपनी नई पहचान भी बना रहा है।
एक सुनियोजित प्रक्रिया से समाज में सुधार लाने की दिशा में दक्ष निरंतर प्रयासरत हैं।
समाज की जरूरतों को समझना और सही समाधान की दिशा तय करना।
सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से सेवाओं की व्यवस्था करना।
फीडबैक और मूल्यांकन के आधार पर सेवाओं में बदलाव लाना।